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अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तरीकों के बारे मे जानें
3 वरà¥à¤· पहले
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ माठके लिठअनमोल होता है। इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को लेकर आना à¤à¤• बड़ा काम होता है। पूरे नौ महीने अपने गरà¥à¤ मे शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करने के बाद जब पà¥à¤°à¤¸à¤µ का वक़à¥à¤¤ आता है तो माठके मन मे कई पà¥à¤°à¤•ार की शंकाà¤à¤ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने लगती हैं। यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के लिठà¤à¤• सामानà¥à¤¯ तरीका है, किनà¥à¤¤à¥ चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में पà¥à¤°à¤—ति के साथ, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के कई पà¥à¤°à¤•ार के तरीकों का विकास हà¥à¤† है ताकि उस वक़à¥à¤¤ सामने आठकिसी à¤à¥€ जटिलता या जोखिम का मà¥à¥˜à¤¾à¤¬à¤²à¤¾ सफलता से किया जा सके। à¤à¤¸à¥‡ मे अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के विषय मे जानकारी लेनी चाहिठताकि आपका मन शांत हो और आप निशà¥à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤¸à¤µ करने के लिठतैयार हो सकें।
1) जानिठ: पà¥à¤°à¤¸à¤µ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार
जब कोई महिला अपनी योनि से बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देती है तो उसे योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ कहते हैं। यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ का आम रूप है। इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ मे महिला को किसी पà¥à¤°à¤•ार की दवा की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती। साथ ही इसमे बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® का समय à¤à¥€ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं होता है। योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लाà¤:
कम समय के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² मे रहना होता है
कम संकà¥à¤°à¤®à¤£ दर
महिला जलà¥à¤¦à¥€ ठीक हो जाती है
अधिकाà¤à¤¶ लोग योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ और पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤¸à¤µ, दोनों को à¤à¤• ही समà¤à¤¤à¥‡ हैं। मगर, इन दोनों में थोड़ा अंतर है। योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ में सामानà¥à¤¯ दवाइयों, मेडिकल उपरकरण या अनà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾à¤ˆ सहायता से पà¥à¤°à¤¸à¤µ कराया जाता है, जबकि पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤¸à¤µ में यह पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया जाता है कि शरीर को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ या अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के जरिठही पà¥à¤°à¤¸à¤µ कराया जाय।
इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ मे अलग अलग शारीरिक मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को अपनाया जाता है। इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ को किसी जानकार नरà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ घर पर या असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² मे à¤à¥€ कराया जाता है। इसमे सारी तैयारियां पहले से कर के रखनी होती हैं। इसमे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तà¥à¤°à¤‚त बाद माठऔर बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• दूसरे का सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ (सà¥à¤•िन-टू-सà¥à¤•िन टच) दिया जाता है।
वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• जीवन में सबकà¥à¤› तय योजना के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नहीं होता है। हर कोई योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ करना चाहता है लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ आपको जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ मामले में सीज़ेरियन डिलीवरी à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। इस पà¥à¤°à¤¸à¤µ में, बचà¥à¤šà¥‡ को मां के पेट से शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ के जरिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को खोलकर पà¥à¤°à¤¸à¤µ कराया जाता है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हो सकती है:
à¤à¤•ाधिक गरà¥à¤ (जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚, तिहरा, आदि)
शिशॠका बड़ा आकार
पहला बचà¥à¤šà¤¾ शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾, सी-सेकà¥à¤¶à¤¨, या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की अनà¥à¤¯ जटिलताओं के कारण
गरà¥à¤ में शिशॠकी गलत जगह में होने से
किसी अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण
पानी में जनà¥à¤® à¤à¤• पानी के टैंक या बरà¥à¤¥à¤¿à¤‚ग पूल का उपयोग करके पानी में शिशॠजनà¥à¤® देने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इस दौरान माठको पानी में बैठाकर पà¥à¤°à¤¸à¤µ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया जाता है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पानी में होने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दरà¥à¤¦ से आराम मिलत है और पानी में होना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤–दायक होता है। पानी आपके वजन को थामने में मदद कर सकता है, जिससे शरीर पर अधिक नियंतà¥à¤°à¤£ महसूस होता है। यदि आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं और आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° का यह मानना है कि यह आपके और आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है, तो पानी का जनà¥à¤® देना आपके लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है।
फोरसेपà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤¸à¤µ ऑपरेटिव योनि डिलीवरी का ही à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है। योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान कà¤à¥€-कà¤à¥€ इसकी आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। फोरसेपà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में, डॉकà¥à¤Ÿà¤° जनà¥à¤® योनी से बाहर आने के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• फोरà¥à¤¸à¤ª (बड़े चिमटे जैसा उपकरण) के जरिठसहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
वैकà¥à¤¯à¥‚म निषà¥à¤•रà¥à¤·à¤£ का उपयोग à¤à¥€ योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान कà¤à¥€-कà¤à¥€ किया जाता है। इसमें पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान, à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ के सिर पर वैकà¥à¤¯à¥‚म निषà¥à¤•रà¥à¤·à¤£ लगा कर बचà¥à¤šà¥‡ को योनि से बाहर निकालने में मदद करता है। इसके लिठवैकà¥à¤¯à¥‚म (वैकà¥à¤¯à¥‚म पंप जैसा उपकरण) का उपयोग किया जाता है। वैकà¥à¤¯à¥‚म के आखिर में à¤à¤• मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कप होता है जो बचà¥à¤šà¥‡ के सिर के ऊपर लगाया जाता है। इसके सहारे बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर आने मे मदद दी जाती है।
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ तकनीकों के अपने फायदे और नà¥à¤•सान होते हैं। अधिकाà¤à¤¶ मसलों में यह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के नियंतà¥à¤°à¤£ में नहीं होता की कौन सा पà¥à¤°à¤¸à¤µ का तरीका अपनाया जायेगा और परिसà¥à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° और डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से पà¥à¤°à¤¸à¤µ का तरीका बदल à¤à¥€ सकता हैं। इसलिà¤, सà¤à¥€ तरीको के बारे में जान लेने से आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय संदेह-रहित रह सकेंगी।
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